• Chief Minister's visit at Sanitary Park kanker-Chhatisgarh
    Chief Minister's visit at Sanitary Park kanker-Chhatisgarh (Technical support provided by Samarthan in preparation of the Sanitary Park)
  • Community lead total Sanitation book in Hindi released by ChiefMinister Chhatisgarh
    Community lead total Sanitation book in Hindi released by ChiefMinister Chhatisgarh (Book prepared by Samarthan and printed by district administration kanker)
  • Bundelkhan CSs meeting in Jahani
  • Identifying the rights of migrants and their families
  • Bundelkhan CSs meeting in Jahani MNREGA

पाठ्यक्रम का परिचय

सामाजिक अंकेक्षण क्यों ?
महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार योजना के अन्तर्गत हर 6 माह में पूरे किये गये सभी कार्यों का सामाजिक अंकेक्षण करना संवैधानिक जरूरत है। ग्राम सभायें अपनी ग्राम संप्रेक्षण समिति के माध्यम से किये गये कामों की सार्थकता, गुणवत्ता और खर्चों का हिसाब – किताब क्रियान्वयन एजेंसी से मांगने और जांचने का हक रखती है।
मध्यप्रदेश जैसे राज्य में 56146 ग्राम सभायें हैं और छत्तीसगढ़ जैसे छोटे राज्य में भी 20383 ग्राम सभायें हैं। जहां प्रत्येक 6 माह में ग्राम सभा द्वारा सामाजिक अंकेक्षण वैधानिक आवद्गयकता है। ग्राम सभाओं द्वारा सामाजिक अंकेक्षण प्रक्रिया संचालित करने हेतु प्रशिक्षित सहजकर्ताओं की आवश्‍यकता है, जिससे गुणवत्तापूर्ण सामाजिक अंकेक्षण किया जा सके। प्रभावी सामाजिक अंकेक्षण से ही अनेकों गरीब ग्रामीण रोजगार कार्ड होल्डरों का रोजगार का हक सुरक्षित हो सकेगा और गांव में निर्मित अधोसंरचनाओं का लाभ बेहतर पारिवारिक और ग्रामीण विकास हेतु मिल सकेगा। एक बेहतर सामाजिक अंकेक्षण सार्वजनिक पैसे के प्रति जवाबदेही एवं पारदर्शिता की संस्कृति की नींव स्थापित कर सकेगा
ग्रामसभा सहजकर्ता निर्माण कैसे ?
प्रत्येक ग्राम सभा स्तर पर सामाजिक अंकेक्षण की चुनौती को ध्यान में रखते हुये बड़ी संख्‍या में सहजकर्ता निर्माण की आवद्गयकता है। परंपरागत तरीकों से सहजकर्ताओं की क्षमतावृद्धि की लागत बहुत अधिक है और यात्रा एवं प्रशिक्षण में काफी समय की आवद्गयकता होती है। अतः समर्थन द्वारा एक ई-लर्निंग प्रशिक्षण कार्यक्रम का निर्माण किया गया है। इस कार्यक्रम की विशेषता है कि प्रत्येक प्रतिभागी को पाठ्‌य सामग्री पुस्तक के रूप में उपलब्ध होगी और इन्टरनेट के माध्यम से पाठ्‌य सामग्री, एवं विशेषज्ञों के भाषण एवं उनसे प्रश्‍न पूछने के अवसर भी उपलब्ध होंगे।
प्रतिभागी अपने ही कार्यक्षेत्र में इस ई-लर्निंग कोर्स के माध्यम से अभ्यास कर सकेंगे। विभिन्न प्रश्नों के उत्तर के अधार पर प्रतिभागियों को सहजकर्ता के रूप में प्रमाण पत्र दिया जायेगा।

यह प्रशिक्षण उन सबके लिए है जो : –

  • एक विशेषज्ञ की तरह सामाजिक अंकेक्ष के कानून नियम व प्रक्रिया में दक्ष होकर ग्रामसभा का सहयोग करना चाहते हैं।
  • ग्रामसभा को सहयोग करने के लिए एक टीम विकसित करना चाहते है।
  • जमीनी शासकीय कर्मचारी जो अपने कर्तव्यों व जिम्मेवारियों को प्रतिष्ठा व दक्षता के साथ निभाना चाहते हैं।
  • ग्रामपंचायत के निर्वाचित प्रतिनिधि जो प्रोफेशनल विशेषज्ञता के साथ काम करके सम्मान अर्जित करना चाहते है।
  • ग्रामसभा के सक्रिय सदस्य जो ग्रामसभा का नियंत्रण स्थापित करना चाहते हैं

जैसे

  • स्वैच्छिक संगठनों के कार्यकर्ता

कार्यक्रम समन्वयक, मध्यस्तरीय व ग्राम स्तरीय कार्यकर्ता

  • सरकारी विभागों में कार्यक्रम प्रबंधक

मनरेगा, म.प्र. आजिविका परियोजना आदि में जनपद व जिला स्तर संबद्ध टीम के सदस्य/कर्मचारी

  • ग्राम पंचायत के प्रतिनिधि

महिला सरपंच, पहली बार चुने गए ग्राम पंचायत के प्रतिनिधि, संपरीक्षा समिति, ग्राम सतर्कता व निगरानी समिति के सदस्य

सभी मैदानी कार्यकर्ताओं के लिए

ऑनलाईन कोर्स के लिए न्यूनतम आवश्यकता 
इंटरनेट सुविधा एवं कम्यूटर व टाईपिंग का ज्ञा