• Chief Minister's visit at Sanitary Park kanker-Chhatisgarh
    Chief Minister's visit at Sanitary Park kanker-Chhatisgarh (Technical support provided by Samarthan in preparation of the Sanitary Park)
  • Community lead total Sanitation book in Hindi released by ChiefMinister Chhatisgarh
    Community lead total Sanitation book in Hindi released by ChiefMinister Chhatisgarh (Book prepared by Samarthan and printed by district administration kanker)
  • Bundelkhan CSs meeting in Jahani
  • Identifying the rights of migrants and their families
  • Bundelkhan CSs meeting in Jahani MNREGA

Peer Educator trainings in Jhabua

जिला झाबुआ में ग्राम स्तर के आदिवासी किशोर किशोरियों को जीवनोपयोगी शिक्षा देने के उददेष्य से यू.एन.एफ.पी.ए. के सहयोग से किशोर किशोरी स्वास्थ्य एवं विकास कार्यक्रम परियोजना चलाई जा रही हैं । जिला झाबुआ के पेटलावद ब्लाक में शगुन गार्डन एवं लाज में किशोर किशोरी स्वास्थ्य एवं विकास परियोजना के अंतर्गत दिनांक 27/5/14 से 30/5/13 तक 4 दिवसीय पीयर एजुकेटर प्रषिक्षण का आयोजन किया गया । ग्राम स्तर पर किशोर किशोरी समूह को क्षमतावान बनाने के उद्देष्य से पहले ग्राम में पहले पीयर एजुकेटर का चयन किया गया व ब्लाक स्तर पर 10 ग्रामों के 40 पीयर एजुकेटरों को प्रशिक्षित किया गया ।

प्रशिक्षण की विषय वस्तु इस प्रकार हैं

  • प्रथम दिन – प्रतिभागियों को किशोर किशोरी स्वास्थ्य एवं विकास परियोजना के उद्देष्यों ,कार्यों,व परियोजना में नेहरू युवा केन्द्र,समर्थन,यू. एन.एफ.पी.ए व प्रवाह संस्था की भूमिका पर समझ बनाई गई ।ग्राम स्तर पर बनाए जा रहैं टीन क्लब की अवधारणा पर समझ बनाई गई किशोर किशोरियों की जरूरतों पर खेल व सहभागी गतिविधि के माध्यम से समझ बनाई,बुनियादी,अजीविका ,खेल,मनोरंजन,संबंध ,षिक्षा,स्वास्थ्य संबंधी जरूरतें चिन्हित की गई ।
  • दूसरा दिन -दूसरे दिन में प्रतिभागियों को पिछले दिन में चलाई गई प्रक्रियाओं को दोहराया गया व प्रतिभागियों को अपने सपने के विषय में बताया गया क्योंकि इस अम्र में सभी सपनों की दुनिया में जीना पसंद करते हैं सभी को अपने अपने सपने के विषय में सहभागी पद्धति के माध्यम से बताने को कहा गया व सभी से कार्डवोर्ड के पेपर पर बादल काटकर बनाने व उस पर अपना सपना लिखकर दीवार पर चिपकाने को कहा गया व सभी ने अपनी जिंदगी सं जुडा सबसे बडा सपना बतया जिसे वो पूरा करना चाहते हैं ।  सभी को बताया गया कि अपना सपना पूरा करने के लिए कौन कौन सी तैयारी करना जरूरी हैं सपना पूरा करने मंें कौन कौन सी परेशानियां आएंगी और हम परेशानियों का हल कैसे निकालेंगे इसके लिए समूह में बंाटकर कार्ययोजना बनबाई गई व इसके बाद सभी से एक ऐसासफल सपना बताने को कहा गया था जो उन्होने देखा था व प्रयास के माध्यम से उस सपने को पूरा किया ।

अगले सत्र में सभी को गोविद की चटाई वाली प्रेरणादायक कहानी सुनाई गई व सामग्री के माध्यम से अपने अपने सपनों को ध्यान में रखकर अपने अपने सपनों की चटाई बनवाई गई । व प्रतिभागियों में अन्य सहभागी गतिविधियां की गई ।

  •  तीसरा दिन -तीसरे दिन प्रतिभागियों को पिछले दो दिनों में चलाई गई प्रक्रियाओं को दोहराया गया फिर प्रतिभागियों को आरामदेह जीवन के सपने के विषय में बताया गया व सहभागी गतिविधियों के माध्यम से बताया गया कि उनकी जिदगी में कौन कौन सी वस्तुएं हैं जो हमारे घर में भी हैं और हमारी जिंदगी को आराम देह बना रही हैं अगले सत्र में सभी से अपने आरामदेह जीवन के सपने के विषय में पूछा गया कि जिंदगी में ऐसी कौन सी वस्तु हैं जों आगे मिलने पर उनकी जिंदगी और आरामदायक हो सकती हैं । और अपने इस सपने को वे कैसे पा सकते हैं ।
    अगले सत्र में प्रतिभागियों को हैसियत और समान के सपने के विषय में बताया गया । सबसे पहले प्रतिभागियों को सम्मान व अपमान से जुडी गतिविधि करवाई गई व बताया गया कि सम्मान व अपमान होता क्या हैं ।व सभी से एक एक घटना के विषय में बताने को कहा गया कि जब उन्हैं लगा हो कि मेरा सम्मान हुआ ।
    जीवन में सम्मान व हैसियत के महत्व के विषय में बताया गया व विष्लेषण करके बताया गया कि सम्मान की भावना कब आती हैं और हमें अपना व्यक्तित्व कैसा बनाना होगा जब लोग हमारा सम्मान करेंगे व हमारी हैसियत बनेगी ।
  •  चैथा दिन – अंतिम दिन प्रतिभागियों को पिछले तीन दिनों में चलाई गई प्रक्रियाओं को दोहराया गया व पिदले दिनों से जुडे सवलों का जवाव दिया गया ।अगले सत्र में प्रतिभागियों को सहभागियों को सुनहरे भविष्य के लिए जरूरी स्वास्थ्य के महत्व के विषय में बताया गया व सहभागी गतिविधि के माध्यम से स्वास्थ्य पर प्रभाव डलाने वले कारकों को पहचाना गया व अच्छे स्वास्थ्य के लिए कुपोषण,दस्त,डायरिया ,मलेरिया व अन्य बीमारियों से बचनें व ग्राम को साफ स्वच्छ बनाने हाथ धुलाई व शौचालय निर्माण के महत्व के विषय में व स्वच्छ व्यवहारों का दैनिक जीवन में महत्व के विषय में बताया गया । अंत में प्रतिभागियों की टीन क्लब सदस्यों को सिखानें की भूमिका को मिट्टी व मूर्तिकार वाली गतिविधि करके समीक्षा करके उनकी जिम्मेदारी व दायित्वों पर समझ बनाई गई । व प्रषिक्षण मूल्यांकन प्रपत्र भरवाकर कार्यक्रम का विधिवत समापन किया गया व सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया ।